Aadhar ki Kahani , Bachoo ki Jubani…

आधार कार्ड है मेरी पहचान ….आधार कार्ड है मेरी मुस्कान ….अब मै निश्चंत होकर कही भी घूम सकता हु क्योंकि आधार कार्ड है मेरी पहचान ….अब मेरा अंगूठा बनेगा मेरी पहचान ….थैंक यू आधार …थैंक यू इंडिया ….

क्या आप ने अपना आधार कार्ड बनवाया ……

समकित जैन पुत्र अनिल जैन (नाहर) .
ब्यावर (अजमेर – राजस्थान)

 

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